एक नजर में
अम्बाला मंडल उतर रेलवे का एक महत्वपूर्ण मंडल है , जो कि 01 जुलाई 1987 को दिल्ली मंडल से 639 रूट कि मी व फिरोजपुर मंडल से 348 कि मी ले कर एक पुर्ण मंडल के रूप में 15 अगस्त 1988 को शुरू किया गया।
अम्बाला मंडल में आज करीब 1.8 लाख यात्री हर रोज 285 जोडी गाडियों में यात्रा कर रहें हैं। अम्बाला मंडल कि सीमाएं पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उतर प्रदेश, राजस्थान राज्यों तथा चंढीगड केंद्र शाषित प्रेदश में फैली हुई हैं। अम्बाला मंडल में 139 रेलवे स्टेशन हैं। कुल ट्रैक लम्बाई 2033.5 कि मी जिन पर 2944 पुल व 102 सुरंगें (सभी सुरंगें कालका-शिमला खंड में) हैं। मंडल के रूट में बहुत से उतार-चढाव हैं, इसीलिए मंडल में कई तीखे उतार-चढाव जैसे कि 1:200 रोपड-नंगल खंड, 1:150 अम्बाला-चढिगढ खंड 1:40 चडिगढ-कालका खंड और सबसे तीखी ढलान 1:3 कालका-शिमला खंड में है।
अम्बाला मंडल में यत्रियों की सुविधा के लिए 42 आरक्षण केंद्र, 97 यूटीएस केंर्द, 14 रेल पूछताछ केंद्र, 8 राष्ट्रीयकृत रेल पूछताछ सुविधा, 36 विश्रामालय तथा 135 प्रतिक्षालय हैं।
यात्रियों को गाडियों के आवागमन की सही स्थिति की सूचना उपलब्ध कराने के लिए 17 आई वी आर एस प्रणालियों की तथा भारतीय रेल की सभी गाडियों के आवागमन की स्थिती आनलाईन उपलब्ध कराने क लिए 2 एन टी ई एस प्रणालियों की स्थापना की गई है। जन शिकायतों पर निगरानी रखनें के लिए 4 मुख्य स्टेशनों तथा मंडल कार्यालय में कम्प्यूटर लगाए गए हैं।
हमारा संकल्प
अंबाला मंडल सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी यातायात सेवाएं उपलब्ध कराने की लक्ष्य प्राप्ति में सफल रहा है। हमने समय-पालन, यात्री सुधिएं, स्टेशनों पर तथा गाडियों में सफाई व्यवस्था के स्तर में भी सुधार के हर संभव प्रयास किए हैं। रेलवे पूछताछ आरक्षण कार्यालयों तथा खान-पान व्यवस्था के सुचारू रूप से चलने वाली कार्य प्रणाली पर भी हमने विशेष घ्यान दिया हैं। अपने विश्ष्टि ग्राहकों के साथ मधुर एवं सौहार्दपूर्ण संबंधों को श्रेष्ठता प्रदान करने के लिए हमने यात्री शिकायतों को शीघ्रता से उचित समाधान करने का भी संकल्प लिया है। हमने पर्याप्त कर्मचारी कल्याण कार्यों के माध्यम से कर्मचारियों के लिए बेहतर संभव कार्य वातावरण प्रदान करने का भी प्रयास किया है।
अंबाला मंडल उतर रेलवे का एक आदर्श मंडल है।
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